दिल्ली में फिर शर्मसार हुई इंसानियत! चलती बस में नाबालिग से दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : राजधानी दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। 16 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस में सवार होने के कुछ देर बाद किशोरी को पता चला कि बस में उसके अलावा कोई अन्य यात्री नहीं था। इसके बाद चालक और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दरिंदगी की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक कुलदीप (39) और कंडक्टर संदीप (26) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही स्लीपर बस को भी कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस को बस से 10 से अधिक महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों आरोपितों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड फिलहाल सामने नहीं आया है।


मां की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी किशोरी
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा 4 अगस्त को अपनी मां की डांट से नाराज होकर बिना बताए नोएडा के लिए निकल गई थी। रात में तेज बारिश और अंधेरे के कारण वह रास्ता भटक गई और परी चौक पहुंची।
इसके बाद नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए उसने एक स्लीपर बस को रुकवाकर रास्ता पूछा। आरोप है कि बस के कंडक्टर ने उसे सेक्टर-63 पहुंचाने की बात कहकर बस में बैठा लिया।


बस में कोई दूसरा यात्री नहीं होने का आरोप
आरोप है कि बस आगे बढ़ने के कुछ देर बाद किशोरी को एहसास हुआ कि बस में उसके अलावा कोई अन्य यात्री मौजूद नहीं था। इसके बाद कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।पुलिस के मुताबिक, इसके बाद चालक और कंडक्टर पर मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। आरोपितों ने कथित तौर पर किशोरी को घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बस दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में पहुंची। आरोप है कि यहां किशोरी को रिंग रोड के पास उतारकर दोनों फरार हो गए।


शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद किशोरी कश्मीरी गेट थाने पहुंची और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और शिकायत के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपितों की तलाश शुरू की। एसीपी शंकर बनर्जी की निगरानी में चल रही जांच के दौरान दोनों आरोपितों को तिमारपुर पार्किंग से गिरफ्तार किया गया।पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।


बस की फोरेंसिक जांच में मिले कई साक्ष्य
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही स्लीपर बस को कब्जे में लेकर उसकी फोरेंसिक जांच कराई है। जांच के दौरान बस से 10 से अधिक साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है, जिनकी वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
बस विश्वनाथ ट्रांसपोर्ट कंपनी की बताई जा रही है और उसका नंबर UP83E T3789 बताया गया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर बस के अंदर का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में ड्राइवर की सीट के पास कंबल और सीटों के बीच गलियारे में एक चादर दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही वस्तुओं का घटना से संबंध जांच का विषय है।


बस में पर्दे, रास्ते में चेकिंग नहीं—सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों, खासकर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि बस की खिड़कियों और अंदरूनी हिस्से में पर्दे लगे थे, जिससे बाहर से बस के अंदर की गतिविधियां आसानी से दिखाई नहीं देती थीं।
जांच से यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस किस रूट से होकर दिल्ली पहुंची और रास्ते में उसकी कहीं पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच हुई थी या नहीं। यदि लंबे सफर के दौरान बस की कोई नियमित जांच नहीं हुई, तो यह सार्वजनिक परिवहन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस में सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं और घटना से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।। बता दें कि इस घटना ने एक बार फिर साफ किया है कि बसों के तय किए गए नियम कागजों में ही बने हैं, अभी पूरी तरह से लागू नहीं हैं।

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