नेपाल में भारी बारिश से गंडक का बढ़ा दबाव, वाल्मीकिनगर बराज पर 4.24 लाख क्यूसेक पानी, शाम तक 5 लाख तक पहुंचने की संभावना

Shreya Raj
जल संसाधन विभाग के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह को लेकर स्थिति की जानकारी दी।

NEWS PR डेस्क: पटना, 27 सितंबर 2026: नेपाल के गंडक नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते गंडक नदी के जलस्तर और प्रवाह में बढ़ोतरी हुई है। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि 27 सितंबर को सुबह 11 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर 4,24,000 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया। पानी का प्रवाह अभी बढ़ने की स्थिति में है। हालात को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है।

शाम तक 5 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है जलश्राव

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज से करीब 80 किलोमीटर ऊपर नेपाल के देवघाट गेज स्थल पर दर्ज मौजूदा जलस्तर को देखते हुए बराज पर शाम तक लगभग 5 लाख क्यूसेक या उससे अधिक पानी पहुंचने की संभावना है।

विभाग के अनुसार यह प्रवाह वर्ष 2024 में दर्ज 5,62,500 क्यूसेक के अधिकतम जलश्राव से कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद संभावित स्थिति को देखते हुए विभाग ने निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है। गंडक नदी के दोनों तटबंधों की निगरानी के लिए अतिरिक्त अभियंताओं की भी तैनाती की गई है।

अभियंताओं को 24 घंटे निगरानी के निर्देश

जल संसाधन विभाग की ओर से सभी अभियंताओं को लगातार निगरानी बनाए रखने और 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि तटबंधों और नदी की स्थिति पर नजर रखने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीमें गंडक नदी के दोनों किनारों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगी।

गंगा का जलस्तर कम, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल गंगा नदी का जलस्तर कम है। ऐसे में गंडक के पानी की निकासी गंगा में सुचारू रूप से होने की स्थिति बनी हुई है। इससे बड़े पैमाने पर जलजमाव या गंभीर बाढ़ का खतरा फिलहाल नहीं होने की संभावना है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों का शत-प्रतिशत पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं होता। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और केवल सतर्क व सजग रहें।

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