NEWS PR डेस्क :बिहार में मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी की जा रही है। अब कैब और बाइक टैक्सी की तर्ज पर मोबाइल ऐप के जरिए एंबुलेंस बुक करने की सुविधा शुरू हो सकती है। इसके लिए परिवहन विभाग ने ओला, उबर, रैपिडो और सवारी मिथिला जैसी ऐप आधारित कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर एंबुलेंस सेवा शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। कंपनियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करना होगा।
शुक्रवार को परिवहन सचिव राज कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक में यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा, किराये में पारदर्शिता तथा शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया।
एंबुलेंस बुकिंग के लिए मिलेगा डिजिटल विकल्प
इस पहल का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को जरूरत के समय एंबुलेंस खोजने और बुक करने में सहूलियत देना है। हालांकि, सेवा की शुरुआत कब और किन शहरों में होगी, इसकी आधिकारिक समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।
कंपनियों को इन नियमों का करना होगा पालन
परिवहन विभाग ने ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए आठ जरूरी शर्तें निर्धारित की हैं। इनमें हिंदी और अंग्रेजी में ऐप की सुविधा, ड्राइवरों के लिए हेल्पलाइन, बुकिंग स्वीकार करने के लिए 10 सेकंड का समय, किराये और कैंसिलेशन शुल्क की स्पष्ट जानकारी तथा बिना उचित कारण ड्राइवर की आईडी ब्लॉक नहीं करने जैसे निर्देश शामिल हैं।
इसके अलावा, व्यावसायिक सेवाओं में केवल व्यावसायिक वाहनों के इस्तेमाल, बिहार में कंपनियों के कार्यालय खोलने और पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग व्यवस्था के लिए एमओयू करने पर भी जोर दिया गया है।
मरीजों को क्या होगा फायदा?
ऐप से एंबुलेंस बुकिंग की सुविधा शुरू होने पर वाहन की उपलब्धता और सेवा संबंधी जानकारी प्राप्त करना आसान हो सकता है लेकिन इसका वास्तविक लाभ एंबुलेंस की संख्या, सेवा की उपलब्धता और आपातकालीन जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
फिलहाल परिवहन विभाग कंपनियों की कार्ययोजना का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही सेवा शुरू करने की समयसीमा और इसके दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी