वन्य जीव व पक्षियों के संरक्षण को सरकार संवेदनशील,कृषि वानिकी व वन संरक्षण को दिया जा रहा है बढ़ावा

Patna Desk
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भागलपुर : मंत्री, डॉ प्रेम कुमार सहकारिता विभाग- सह- पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग- सह- आपदा प्रबंधन विभाग- सह- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग- सह- पर्यटन विभाग, बिहार सरकार द्वारा जिला अतिथिगृह भागलपुर के हाल में विभागीय समीक्षा की गई साथ ही इस अवसर पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि भागलपुर जिलान्तर्गत सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभागीय सोजनाओं में खरीए विपणन मौसम 2023-24 अन्तर्गत भागलपुर जिला में कुल 7218 किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 रु प्रति क्विंटल की दर से कुल 4करोड़ 20 लाख 65 हजार 508 मे.टन धान की खरीद की गयी। जिसके विरुद्ध कुल 94 करोड 86 लाख 78 हजार 4 सौ सोलह रूपये किसानों के खाते में भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजनान्तर्गत पैक्सों को 60 ट्रेक्टर, 58 रोटावेटर, 57 मल्टीक्रॉप थ्रेशर, 28 डिस्क प्ले, 06 डिस्क हैरो, 61 कल्टीभेटर 27 लेभलर, 14 सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, 04पावर स्पेयर, 17 रैपर कम बाइंडर,7 मक्का थ्रेसर एवं 35 ट्रॉली कुल 374 कृषि यंत्र उपलब्ध कराया गया है। जिसका कुल मूल्य सात करोड़ तीस लाख रुपये है

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गोदाम निर्माण योजनान्तर्गत 1000 मैट्रिक टन का 03 गोदाम, 500 मैट्रिक टन का 05 गोदाम एवं 200 मैट्रिक टन का 75 गोदाम कुल 83 गोदाम का निर्माण किया गया है एवं 11 गोदाम निर्माणाधीन है।

भागलपुर में गरुड़ के सरंक्षण / बचाव कार्य से इनकी संख्या 600 के उपर हो गयी है, जबकि विश्व में कुल 1360 – 1510 के करीब इनकी संख्या है कछुआ संरक्षण/बचाव कार्य जिले में जप्त / घायल कछुआ के लिए पुर्नवास केन्द्र है, जिसमें इनकी विशेष देखभाल के बाद प्राकृतिक अधिवास (गंगा, आदि) में छोड़ दिया जाता है । वर्त्तमान

में 39 कछुए को छोड़ने की कार्रवाई की जा रही है विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी – वर्त्तमान में 187-200 के बीच डॉल्फिन है। डॉल्फिन एवंअन्य जलीय जीवों के प्रति जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत निशुल्क स्कूली छात्र / छात्राओं को भ्रमण कराया जाता है। आगे पर्यटन की दृष्टिकोण से आमलोगों के लिए भी आश्रयणी भ्रमण की कार्रवाई की जा रही है।

कृषि वानिकी योजना – इस योजना के अंतर्गत किसानों को 10 रु० प्रति पौधा सुरक्षित राशि लेकर पौधे उपलब्ध करायी जाती है एवं 3 वर्ष के पश्चात् सुरक्षित राशि सहित 70 रु0 (10+60) जीवित पौधे पर दी जाती है। इस वर्ष इस योजना में 66557 पौधे किसानों के द्वारा लगाये गयेहैं। यह योजना किसानों को कृषि के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त करने में सहायक होती है ।

कृषि वानिकी (पॉप्लर प्रजाति) इसमें भी 3 वर्ष के पश्चात् सुरक्षित राशि सहित प्रोत्साहन राशि के साथ कुल 70 रु0 (10+60 ) जीवित पौधे पर दिया जाता है। इस वर्ष 8000 से अधिक पौधे लगाये गये हैं। इस योजना से जिले के कई किसान लाभान्वित हुए हैं।

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