दहेज प्रताड़ना की शिकार 8 माह की गर्भवती महिला की एम्बुलेंस में मौ/त, अजन्मे शिशु ने भी तोड़ा दम

Jyoti Sinha
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भागलपुर दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक उपेक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक देर से पहुंच इन तीनों ने मिलकर एक और युवा जीवन को लील लिया उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के ककरमत्ता गांव की रहने वाली 18 वर्षीय कशिश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई कशिश आठ माह की गर्भवती थी और मुंगेर से भागलपुर ले जाते समय एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप मृतका की नानी लक्षो देवी ने बताया कि कशिश के पति मनोज पटेल, उसकी सास और ननद उस पर एक लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना करते थे उन्होंने आरोप लगाया कि गर्भावस्था के दौरान भी कशिश से काम करवाया जाता था और मना करने पर मारपीट की जाती थी पटना स्टेशन पर अकेली छोड़ी गई थी कशिश.

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कथित रूप से 11 जुलाई को कशिश को उसके ससुराल वालों ने पटना जंक्शन पर अकेला छोड़ दिया वह गर्भ के अंतिम चरण में थी और घरेलू कामों में असमर्थ हो चुकी थी बाद में नानी को जब इसकी सूचना मिली, तो वह पटना पहुंचीं और कशिश को लखीसराय स्थित अपने घर ले आईं स्वास्थ्य बिगड़ा, रास्ते में ही मौत सोमवार को अचानक कशिश की तबीयत बिगड़ने पर उसे मुंगेर सदर अस्पताल ले जाया गया लेकिन स्थिति गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे भागलपुर मेडिकल कॉलेज मायागंज रेफर कर दिया एम्बुलेंस में भागलपुर ले जाने के दौरान ही उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी और उसके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई फिलहाल शव मायागंज अस्पताल में रखा गया है परिवार में ग़म और बेबसी का माहौल कशिश के माता-पिता सोनी देवी और राजकुमार पासवान बेहद गरीब हैं मानसिक व आर्थिक संकट से जूझ रहे इस परिवार के लिए कशिश की मौत गहरे आघात की तरह है उन्होंने इंसाफ की मांग की है और ससुराल पक्ष पर हत्या के आरोप लगाए हैं.

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