पार्टी को बचाने की कवायद या परिवार की?

Puja Srivastav
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NEWS PR डेस्क : पटना बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाये जाने पर उठ रहे सवालों का रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को जवाब दिया है। स्वस्थ आलोचना करने वालों से कुशवाहा ने कहा है कि अगर आपने हमारे निर्णय को परिवारवाद की श्रेणी में रखा है, तो मेरी विवशता को समझिए। पार्टी के अस्तित्व व भविष्य को बचाने और बनाये रखने के लिए मेरा यह कदम जरूरी ही नहीं, अपरिहार्य था।

सोशल साइट फेसबुक व एक्स पर शुक्रवार को कुशवाहा ने लिखा है कि उस वक्त भी बड़े संघर्ष के बाद आप सभी के आशीर्वाद से पार्टी ने सांसद व विधायक सब बनाये। लोग जीते और निकल लिये। झोली खाली की ये खाली रही। शून्य पर पहुंच गये। पुनः ऐसी स्थिति न आये, सोचना जरूरी था। भविष्य में जनता का आशीर्वाद कितना मिलेगा, मालूम नहीं। परंतु ने खुद के स्टेप से शून्य तक पहुंचने का विकल्प खोलना उचित नहीं था।

पार्टी को बचाए रखने की जिद्द को मैंने प्राथमिकता दी। हमारे निर्णय की जितनी आलोचना हो, लेकिन इसके बिना है, फिलहाल कोई दूसरा विकल्प फिर से र्टी शून्य तक पहुंचा सकता था। पूर्वाग्रह से ग्रसित आलोचकों से कहा है कि दीपक फेल विद्यार्थी नहीं है। मेहनत से पढ़ाई करके कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की है। उसने पूर्वजों से कि संस्कार पाया है। इंतजार कीजिए, अपने को साबित करने का उसे थोड़ा वक्त दीजिए।

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