बिहार चुनाव 2025: चुनाव आयोग ने शुरू किया ‘मिशन-60’, जानिए क्या है…

Patna Desk
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बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। जहां सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं चुनाव आयोग भी व्यापक तैयारियों में लगा है। इसी सिलसिले में मतदाता जागरूकता को लेकर राज्य भर में अभियान चलाया जा रहा है। अनुमान है कि चुनाव अक्टूबर या नवंबर में हो सकते हैं, लिहाजा मतदाता जागरूकता गतिविधियों को तेज कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए ‘मिशन-60’ की शुरुआत की है।

क्या है ‘मिशन-60’?

इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के उन 60 मतदान केंद्रों की पहचान की जाएगी, जहां पिछले चुनावों में 60 प्रतिशत से कम वोटिंग हुई थी। इन बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और मतदाताओं को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य इन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत को राष्ट्रीय औसत तक लाना है।विविध जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजितमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय ने सभी जिलों के मीडिया और स्वीप नोडल अधिकारियों को इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत रैलियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नुक्कड़ नाटकों, डिजिटल प्रचार और जनसंपर्क अभियानों के जरिए लोगों को वोटिंग के महत्व से अवगत कराया जाएगा।

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समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश-

शनिवार को निर्वाचन विभाग के सभागार में स्वीप योजनाओं की समीक्षा को लेकर एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता विभागीय सचिव माधव कुमार सिंह ने की। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संतोष कुमार और मीडिया प्रभाग के सहायक निदेशक अपूर्व कुमार भी मौजूद रहे। संतोष कुमार ने कम मतदान वाले जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता फैलाने के लिए ठोस और प्रभावी रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब लोग जागरूक होंगे, तभी लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाना लक्ष्यभारत निर्वाचन आयोग के सहायक निदेशक अपूर्व कुमार ने बताया कि बिहार में मतदान प्रतिशत को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाना प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए उन्होंने कुछ अहम निर्देश दिए और यह जानकारी भी साझा की कि जल्द ही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे मतदाता सूची को अपडेट करने में मदद मिलेगी।इस तरह, चुनाव आयोग और प्रशासन दोनों ही स्तरों पर बिहार के मतदाताओं को सक्रिय रूप से मतदान में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं।

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