CM सम्राट का बड़ा फैसला: गंगा नदी का पानी पहुंचेगा जलाशयों तक, बदलेगी किसानों की तकदीर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 22 मई 2026: बिहार सरकार ने बांका, मुंगेर और भागलपुर जिलों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है कि सुल्तानगंज के पास गंगा नदी के जल को बाढ़ अवधि के दौरान उठाकर बदुआ जलाशय और खड़गपुर जलाशय में संग्रहित किया जाए, ताकि किसानों को सालभर बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सके।

सरकार की इस योजना के तहत गंगा नदी का जल जुलाई से अक्टूबर के बीच पंपिंग के माध्यम से जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद इस संग्रहित पानी का उपयोग खेती के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अनियमित बारिश की वजह से जलाशयों की क्षमता लगातार प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में यह योजना कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

51 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ

सरकार के मुताबिक इस योजना के लागू होने के बाद बदुआ जलाशय से बांका, भागलपुर और मुंगेर जिले के कुल 45,850 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी। वहीं खड़गपुर जलाशय के माध्यम से मुंगेर जिले के 5,310 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा बांका जिले के फुल्लीडूमर प्रखंड स्थित फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों में भी गंगा जल का संग्रहण किया जाएगा। इससे फुल्लीडूमर और अमरपुर प्रखंड के 4,204 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

जलवायु परिवर्तन से घट गई जलाशयों की क्षमता

सरकार ने बताया कि लगातार बदलते मौसम और कम वर्षा के कारण बदुआ और खड़गपुर जलाशयों की जल भंडारण क्षमता में भारी गिरावट आई है। बदुआ जलाशय की क्षमता में 39.78 प्रतिशत और खड़गपुर जलाशय की क्षमता में 69.59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

इसी कारण इन दोनों जलाशयों से जहां कुल 51,160 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य तय है, वहां वर्तमान में केवल 19,136 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई हो पा रही है। इससे किसानों की खेती और उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

174 करोड़ से बनेगी पाइपलाइन और पंपिंग व्यवस्था

योजना के तहत बिजीखोरवा सिंचाई कॉलोनी में निर्माणाधीन डिटेंशन टैंक से तीन मोटर पंपों की सहायता से करीब 15.02 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उठाया जाएगा। इस पानी को 0.90 मीटर व्यास की 26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 0.50 मीटर व्यास की 1.15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 174.52 करोड़ रुपये तय की गई है।

1866 करोड़ रुपये की बड़ी योजना पर काम शुरू

सरकार ने बताया कि गंगा जल उद्वह योजना के विस्तार के तहत बदुआ और खड़गपुर जलाशयों में जल संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए कुल 1866.11 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके। सरकार का मानना है कि इस योजना से खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और सूखे की स्थिति में भी किसानों को राहत मिलेगी।

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