NEWS PR डेस्क : मोतिहारी: बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। बाल विवाह की आड़ में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की 35 वर्षीय व्यक्ति से जबरन शादी कराई जा रही थी। समय रहते हुई छापेमारी में बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि राजस्थान से आए कथित दूल्हे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय अंचल कार्यालय, हरैया थाना पुलिस, मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU), एसएसबी की 47वीं वाहिनी और ‘प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर’ की संयुक्त टीम ने रक्सौल के एक होटल में छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि होटल में एक नाबालिग लड़की की जबरन शादी की तैयारी चल रही थी।
काउंसलिंग में बच्ची ने किए चौंकाने वाले खुलासे
रेस्क्यू के बाद बच्ची की काउंसलिंग कराई गई। इस दौरान उसने बताया कि उस पर शादी के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जा रहा था। बच्ची के अनुसार, तस्करों ने उसकी सौतेली मां को मोटी रकम और महंगे सामान का लालच देकर इस सौदे के लिए तैयार किया था।
पूछताछ में खुली साजिश
पुलिस ने जब राजस्थान से आए कथित दूल्हे से पूछताछ की तो वह लड़की और उसके परिवार के बारे में सामान्य जानकारी भी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस को पूरा यकीन हो गया कि मामला बाल विवाह का नहीं, बल्कि मानव तस्करी का है।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
हरैया थाना पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम और मानव तस्करी से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। वहीं, रेस्क्यू की गई नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है।मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
