NEWS PR डेस्क: मुजफ्फरपुर, 18 मई। जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “जल-जीवन-हरियाली” अभियान के तहत जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ग्रामीण विकास को लेकर तेज़ी से काम किया जा रहा है। अभियान की प्रगति की समीक्षा उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि जिले में सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत 5802 जल संरचनाओं का निरीक्षण किया गया, जिनमें 221 संरचनाएं अतिक्रमित पाई गई थीं। प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सभी 221 जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। साथ ही वहां रह रहे 111 भूमिहीन परिवारों को पुनर्वास के तहत वास भूमि भी उपलब्ध करा दी गई है।

पंचायती राज विभाग ने सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। विभाग को मिले 430 कुओं के लक्ष्य के विरुद्ध सभी कुओं का जीर्णोद्धार पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों और जल स्रोतों के किनारे 390 सोख्ता निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिए गए हैं, जिससे भू-जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा नए जल स्रोतों और खेत पोखर निर्माण की योजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। विभाग को प्राप्त 126 योजनाओं में से 124 पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य जारी है। वहीं कृषि विभाग ने नए जल स्रोत सृजन से जुड़ी सभी 22 योजनाओं को पूरा कर लिया है।

बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ब्रेडा द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 458 योजनाओं के लक्ष्य में से 451 योजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मनरेगा योजना के तहत जिले में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्यों में भी तेजी लाई गई है। जिले में 213 आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें से 73 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कई अन्य केंद्रों पर कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि नए भवन बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण सुविधाएं मिल सकेंगी।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 373 पंचायतों में 711 सामुदायिक सोकपीट का निर्माण किया गया है, जिससे जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिली है।
बैठक में आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की प्रत्येक पंचायत में 200 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।