4 साल बाद आया इंसाफ: दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में दोषी को 10 साल की सजा

कोर्ट ने सजा के साथ-साथ दोषी पर 20,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना नहीं चुकाया गया, तो आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: रोहतास, 07 अप्रैल। जिले के सासाराम में चार साल पुराने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने सोमवार को दोषी सतीश दुबे उर्फ सतीश चंद्र को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

कोर्ट ने सजा के साथ-साथ दोषी पर 20,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना नहीं चुकाया गया, तो आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

नौकरी दिलाने के नाम पर रचा था जाल

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव की एक विवाहित महिला और उसके पति को बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसी बहाने वह महिला को वाराणसी ले गया, जहां एक होटल में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

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वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल

घटना के दौरान आरोपी ने वीडियो भी बना लिया था, जिसे आधार बनाकर वह पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। इसी दबाव में आकर महिला को दोबारा भी शोषण का शिकार होना पड़ा। बताया जाता है कि आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए महिला से संपर्क साधा था और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर भरोसा जीता था।

6 गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध

इस मामले में पीड़िता ने चार वर्ष पूर्व डेहरी महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ट्रायल के दौरान कुल छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लोक अभियोजक विद्यासागर राय ने बताया कि साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया।

चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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