तेजस्वी के जमाई आयोग के बयान पर मांझी का पलटवार, कहा- यह तो वही बात कि चलनिया दूसे बढ़निया के..

Patna Desk
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गया. पिछले दिनों बिहार के प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोला था. कहा था, कि इस सरकार को जमाई आयोग का गठन कर देना चाहिए. बताया जाता है, कि एनडीए के नेताओं के रिश्तेदारों को बिहार में गठित आयोगों में जगह दिलवाने को लेकर यह बड़ा बयान तेजस्वी यादव ने दिया था. अब इस बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी को खरी-खरी सुनाई है. कहा है, कि बिना काबिलियत के ही इस परिवार के कई लोग सता सुख भोगते रहे हैं.गया जी के फतेहपुर में हम पार्टी ने परिवर्तन जनसभा आयोजित किया था. इस जनसभा को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने संबोधित किया. इस दौरान जीतन राम मांझी ने प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव पर जमकर तंज कसे. हाल ही में तेजस्वी यादव ने कहा था, कि बिहार में जमाई आयोग का गठन कर देना चाहिए. तेजस्वी के इस बयान को लेकर मांझी ने कहा कि यह तो वही बात हो गई कि ‘चलनिया दूसे बढनिया के’. लालू परिवार के कई का उदाहरण दिया और बताया कि यह वही लोग हैं, जो बिना काबिलियत के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री बने.केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के जमाई आयोग गठित करने वाले बयान पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली हरियाणा में मारपीट करने वाले, इलू इलू करने वाले बिहार के मंत्री बन गए. लालू यादव का बेटा स्वास्थ्य मंत्री बन गया. एक बेटी मीसा भारती राज्यसभा की मेंबर बन गई. मीसा भारती ने कौन सा आंदोलन किया था. मीसा भारती के पति उसी के साथ रहते हैं, घर जमाई बनकर और पर्स उठाकर इधर-उधर चलते हैं.

सिंगापुर में रहने वाली लालू की बेटी कौन सी आंदोलनकारी है, कि छपरा से चुनाव लड़ल. राबङी देवी बिना पढ़ी-लिखी महिला मुख्यमंत्री बन गई. इसमें कौन पढल है. इस परिवार के ऐसे दर्जन भर लोग हैं और ये लोग परिवारवाद की बात करते हैं. मांझी ने कहा, यह तो वही बात हो गई कि हजार छेद वाली चलनिया बढ़निया को दूसले चल रही है. चलनिया देखे कि उसमें कितना हजार छेद है. हम लोग गरीबों की भलाई के लिए, महादलित की भलाई के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसे समाज को आगे करने की कोशिश में जुटे हुए हैं और वह लोग इस तरह की राजनीति करते हैं. इससे आप लोगों को बचना है.’चलनिया दूसे बढ़निया के’. लालू परिवार के दर्जन भर लोग बिना किसी काबिलियत के सत्ता में आए. क्या इन्होंने कोई आंदोलन किया था. यह परिवार बिना काबिलियत के सत सुख भोगा. अब हम लोग को दूस रहे हैं. यह तो वही बात हुई कि चलनिया दूसे बढनिया के. मीसा भारती का पर्स लेकर उसके पति इधर-उधर चलते हैं. हम लोगों के यहां ऐसा नहीं होता है.

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