बिहार में लागू हुई नई टोल नीति, टोल नहीं देने पर देना होगा दोगुना जुर्माना

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 10 जुलाई। बिहार सरकार ने राज्य में नई टोल टैक्स नीति लागू कर दी है। पथ निर्माण विभाग ने सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के स्टेट हाईवे और 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों से गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाएगा।

नई नीति में टोल वसूली और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया तय कर दी गई है। यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा पर भुगतान किए बिना निकल जाता है या टोल देने से इनकार करता है, तो उससे निर्धारित टोल राशि का दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस भेजा जाएगा।

हालांकि, वाहन मालिकों को राहत भी दी गई है। यदि ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर बकाया टोल का भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त जुर्माना नहीं देना होगा। लेकिन 15 दिनों तक भुगतान नहीं करने पर विभाग संबंधित वाहन को कहीं भी रोककर बकाया और जुर्माना वसूल सकेगा।

इसके बावजूद राशि जमा नहीं होने पर वाहन से जुड़े कई जरूरी कार्य प्रभावित होंगे। विभाग वाहन के इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र, एनओसी और स्वामित्व हस्तांतरण जैसी सेवाओं के अपडेट पर रोक लगा देगा। टोल वसूली व्यवस्था को ‘वाहन’ एप से जोड़ा जाएगा, जिससे बकाया रखने वाले वाहनों की पहचान और कार्रवाई आसान होगी।

नई व्यवस्था में वाहन स्वामियों को अपनी बात रखने का भी अवसर दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके नाम जारी किया गया ई-नोटिस गलत है, तो वह 72 घंटे के भीतर बिहार सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। संबंधित अधिकारी पांच दिनों के भीतर मामले की जांच कर निर्णय देंगे और इसकी सूचना ई-मेल व एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। यदि तय समय सीमा में निर्णय नहीं होता है, तो बकाया राशि स्वतः निरस्त मानी जाएगी और इसकी जानकारी वाहन एप पर अपडेट कर दी जाएगी।

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