पटना को मिला डबल डेकर फ्लाईओवर, यातायात प्रबंधन में ऐतिहासिक पहल

Patna Desk
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पटना में यातायात जाम की पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अशोक राजपथ जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में बना राज्य का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर न सिर्फ राजधानी को जाम से राहत देगा, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी यह एक अनूठा निर्माण है।

यह डबल डेकर फ्लाईओवर कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक 2.2 किलोमीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। इसके पहले तल की लंबाई 1.5 किमी है, जो पटना कॉलेज से बीएन कॉलेज तक फैली है। वहीं ऊपरी तल की पूरी लंबाई 2.2 किमी है, जो गांधी मैदान से सीधे साइंस कॉलेज तक जुड़ता है।

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डिवाइडेड ट्रैफिक मूवमेंट की सुविधा

इस फ्लाईओवर की सबसे बड़ी खासियत इसका दोहरा लेवल ट्रैफिक सिस्टम है। ऊपर का तल गांधी मैदान से साइंस कॉलेज की दिशा में वाहन संचालन के लिए है, जबकि नीचे का तल साइंस कॉलेज से गांधी मैदान की ओर जाने वाले ट्रैफिक को संभालेगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।

422 करोड़ की लागत से तैयार यह परियोजना, सिर्फ एक पुल नहीं बल्कि शहर के प्रमुख संस्थानों तक आसान पहुंच की गारंटी भी है। पीएमसीएच, पटना विश्वविद्यालय, बीएन कॉलेज और साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मेट्रो और फ्लाईओवर का बेहतर समन्वय

फ्लाईओवर के पास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन (विवि स्टेशन) से जुड़ने वाली लिफ्ट सुविधा, आने वाले समय में पटना के एकीकृत ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाएगी। यह भविष्य की मेट्रो परियोजनाओं के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में भी सहायक होगा।

स्मार्ट सिटी की दिशा में मजबूत कदम

यह डबल डेकर फ्लाईओवर सिर्फ यातायात का हल नहीं, बल्कि पटना के शहरी विकास और स्मार्ट ट्रैफिक प्लानिंग की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह शहर को तेज, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

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