बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जदयू विधायक अनंत सिंह और पटना स्नातक सीट से एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच चल रहा सियासी विवाद अब पार्टी के भीतर भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस पूरे मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माना कि अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव के दौरान हुए कथित प्रचार को लेकर पार्टी स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए थी और ऐसा नहीं होना एक चूक थी।
ललन सिंह ने कहा कि “अगर कोई क्रिया हुई है तो प्रतिक्रिया भी होगी। ताली एक हाथ से नहीं बजती।” उन्होंने बताया कि जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के कहने पर उन्होंने अनंत सिंह से बातचीत की है। बातचीत में अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान अपने खिलाफ हुए कथित दुष्प्रचार और पार्टी नेताओं की चुप्पी को लेकर अपनी बात रखी।
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह ने कहा कि जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और विश्वास के कारण उन्होंने सरकार का पूरा सहयोग किया था। बाद में नीतीश कुमार ने ही उन्हें मोकामा से चुनाव लड़ने की सलाह दी थी। हालांकि, चुनाव के दौरान उनके खिलाफ अभियान चलाया गया और कई तरह के आरोप लगाए गए।
ललन सिंह ने कहा कि उस समय पार्टी की ओर से उचित कार्रवाई नहीं होना प्रदेश संगठन की चूक थी। उन्होंने यह भी बताया कि अनंत सिंह अब इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे, ताकि इससे पार्टी को नुकसान न पहुंचे।