NEWS PR डेस्क: भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर गया में विरोध तेज हो गया है। न्याय की मांग को लेकर रविवार को ब्राह्मण सेवा गयाजी के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने गांधी मैदान से टावर चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला भी फूंका गया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।

कैंडल मार्च का नेतृत्व ब्राह्मण सेवा गयाजी के अध्यक्ष अजीत तिवारी ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और ब्राह्मण संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टावर चौक पहुंचा, जहां श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
‘अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे’
मीडिया से बातचीत में अजीत तिवारी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत के विरोध में यह श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च आयोजित किया गया है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कहीं भी ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ अन्याय या हत्या की घटना होती है तो ब्राह्मण सेवा लोकतांत्रिक तरीके से उसका विरोध करेगी और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मांझी के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने उनके बयानों का विरोध करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। कांग्रेस नेता डॉ. गगन मिश्रा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत की निष्पक्ष और न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति ने हथियार डाल दिया था, तो उसके बाद हुई कार्रवाई की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। साथ ही संबंधित डीएसपी को बर्खास्त करने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
