NEWS PR डेस्क: मधुबनी,17 जुलाई। बढ़ते साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पटना ने मधुबनी में पुलिस अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। 16 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) सहित 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को वित्तीय अपराधों की बदलती प्रकृति, साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे निपटने के कानूनी एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देना था, ताकि वे ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बना सकें।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका, वित्तीय साक्षरता, उपभोक्ता संरक्षण, एनबीएफसी से जुड़े नियम, भारतीय बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं तथा अनियमित जमा योजनाओं से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।

विशेष सत्र में डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest), ऑनलाइन निवेश घोटाले, ट्रेडिंग स्कैम, मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) योजनाएं, प्रतिरूपण (Impersonation), क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, फर्जी लोन ऐप और अन्य वित्तीय साइबर अपराधों के नए तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, इनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों से भी पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारियों ने वित्तीय अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों और जांच प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं दूरसंचार विभाग से जुड़े विशेषज्ञों ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए होने वाले साइबर अपराधों, सिम जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंटेलिजेंस के माध्यम से ऐसे अपराधों की रोकथाम पर प्रस्तुति दी।
प्रशिक्षण के दौरान कई उप पुलिस अधीक्षकों ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की जांच से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने केस डायरी तैयार करने की बारीकियों और हाल के वर्षों में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किए गए नए पोर्टलों की भी जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने RBI की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कानून प्रवर्तन एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मददगार साबित होंगे। प्रतिभागियों ने विश्वास जताया कि इससे उनकी जांच क्षमता और तकनीकी समझ मजबूत होगी, जिससे बिहार में वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन और संचालन भारतीय रिजर्व बैंक, पटना के उप महाप्रबंधक नीरज कुमार के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक, पुलिस विभाग और आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी और कानूनी विषयों पर सत्रों का संचालन किया।
