NEET छात्रा की मौत मामले में SIT सक्रिय, हॉस्टल सील न होने पर उठे सवाल

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है। जांच के तहत SIT की टीम ने प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंचकर वहां के डॉक्टरों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस की ओर से अस्पताल परिसर के बाहर किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।

जब मीडिया ने पुलिस अधिकारियों से शुरुआती बयानों को लेकर जल्दबाजी पर सवाल किया, तो अधिकारी कैमरों से बचते हुए मौके से हटते नजर आए। पुलिस के इस रवैये ने जांच की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

SIT की टीम शम्भु गर्ल्स हॉस्टल भी जांच के लिए पहुंची थी, जहां मृत छात्रा रह रही थी। हालांकि इससे पहले पुलिस द्वारा हॉस्टल को सील किए जाने के दावे किए गए थे, लेकिन मौके पर हॉस्टल सील नहीं पाया गया। इसे लेकर भी पुलिस के बयानों और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास सामने आया है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

गौरतलब है कि घटना के लगभग एक सप्ताह बाद पुलिस ने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद ही SIT का गठन किया गया, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या गिरफ्तारी केवल औपचारिकता निभाने के लिए की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, मनीष रंजन को हाल तक एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से जुड़ा बताया जाता था, लेकिन अब उसका नाम करोड़पतियों की सूची में सामने आ रहा है। इसके साथ ही उसके दो आधार कार्ड होने की जानकारी भी सामने आई है, एक जहानाबाद पते का और दूसरा पटना के कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र का। यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गया है।

पूरे मामले में पटना पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। अब सबकी नजर SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article