ब्लॉक का गजब का कारनामा, ट्रैक्टर का बना आवासीय प्रमाण पत्र, सोशल मीडिया पर वायरल

Rajan Singh
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NEWS PR DESK- आपने कई बार सुना होगा कि शिक्षा विभाग के द्वारा किसी हीरो या हीरोइन का एडमिट कार्ड जारी कर दिया पर मुंगेर में अजूबा मामला सामने आय जब सदर प्रखंड कार्यालय के द्वारा एक ट्रैक्टर का ही आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया । जिसके बाद तो यह सोशल मीडिया पे काफी तेजी से वायरल होने लगा ।

तो वहीं सदर एसडीओ ने इसपे संज्ञान लेते हुए इस प्रमाण पत्र को रद्द करते हू जांच के आदेश दिए है। हालांकि जिस तरीके से उसमें लिखा गया है वो प्रमाणपत्र फर्जी भी हो सकता है ।


बिहार के मुंगेर से एक ऐसा खबर सामने आ रहा है जो सोशल मीडिया पर काफी सुर्खी बंटोर रहा है। दरअसल मुंगेर सदर प्रखंड कार्यालय के द्वारा एक ट्रैक्टर का आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया है। जिसमे ट्रैक्टर का फोटो भी लगा है , नाम के जगह सोनालिका कुमारी , पिता बेगूसराय , तो मां बलिया देवी , गांव ट्रैक्टरपुर दियारा, वार्ड – 17, डाकघर – कुत्तापुर, पिन कोड – 811202, थाना- मुफ्फसिल, प्रखंड- सदर मुंगेर, जिला – मुंगेर’ दर्ज किया गया है ।

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जिसके बाद यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पे सदर प्रखंड की लापरवाही को दर्शाने का काम कर रहा है की कैसे डाटा एंट्री ऑपरेटर के द्वारा बिना जांच किए , यह प्रमाण पत्र का जारी कर पूरे कार्यालय को हंसी का पात्र बना दिया है। जब यह बात मुंगेर सदर एसडीओ कुमार अभिषेक के पास आय तो उन्होंने तुरंत इस बात पे संज्ञान लेते हुए इस प्रमाण पत्र को रद्द करने और यह कैसे बन गया इस पे जांच के निर्देश दे दिया ।

पर यह प्रमाण पत्र अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या कोई भी किसी का ऐसे चीज का प्रमाण पत्र बनाने के लिय अगर किसी विभाग में आवेदन दे देता है तो वह विभाग क्या बिना जांचे परखे उसका प्रमाण पत्र बना देगा । जानकारी के अनुसार 6 जुलाई को किसी ने शरारत करते हुए 6 जुलाई को इस तरह का ऑनलाइन आवेदन कर दिया और तो एक दिन बाद राजस्व अधिकारी के द्वारा बिना स्कूटनी किए , बिना जांच किए प्रमाण पत्र निर्गत भी कर दिया। साथ ही आवेदन का उद्देश्य इसमें खेतीबाड़ी बताया है । हालांकि प्रमाण पत्र के शुरुआत में लिखा गया है कि प्रमाणित किया जाता है यह की यह कोई एडिट नहीं है। कहीं न कहीं से यह प्रमाण पत्र फर्जी भी हो सकता है।
बाइट – कुमार अभिषेक एसडीओ सदर

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