त्रिशूली की बाढ़ के बाद गंडक में मिला शव, नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू

Shreya Raj
त्रिशूली में बाढ़ के बाद गंडक नदी में बढ़ा जलस्तर, वाल्मीकिनगर बैराज के खोले गए सभी 36 फाटक।

NEWS PR डेस्क: नेपाल की त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर आए एक शव की पहचान और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे नेपाल प्रशासन को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू की।

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल से शव को वाल्मीकिनगर ले जाया गया

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में सुरक्षित रखे गए शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों की निगरानी में वाल्मीकिनगर ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव नेपाल प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।

नेपाल की त्रिशूली नदी में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा गंडक नदी में पहुंचा था। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। इसके बाद तेज जलधारा के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और शव भारत की ओर बहकर आए।

कुशीनगर में अब तक 13 शव बरामद

बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर आए शवों में से अधिकांश पनियहवा पुल के बाद उत्तर प्रदेश की सीमा में मिले हैं। जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जिले में अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। इन शवों को सुरक्षित रखने के लिए गोरखपुर एम्स की मोर्चरी में रखा गया है।

वहीं, पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र में अब तक एक शव बरामद हुआ है। शव मिलने के बाद प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई और उसे सुरक्षित रूप से बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में रखा गया था।

तेज बहाव के कारण शवों की तलाश में परेशानी

गंडक नदी में शवों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया हालांकि, नदी में तेज बहाव होने के कारण कई शवों को खोजकर सुरक्षित बाहर निकालने में टीम को सफलता नहीं मिल सकी।

अब बगहा प्रशासन की ओर से बरामद शव को नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को नेपाल प्रशासन के हवाले किया जाएगा।

पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर : मोहम्मद इम्तियाज

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