मस्जिद के सामने भगवा झंडा लहराने का मामला पकड़ा तूल, सच्चाई आई सामने

Patna Desk
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भागलपुर में 2 नवंबर की रात काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई एक घटना के मामले ने तुल पकड़ना शुरू कर दिया है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वायरल वीडियो में एक युवक हाथ मे विशेष धर्म का झंडा लिए इमामबाड़ा के बगल की दीवार पर चढ़कर उसे फहराता हुआ नजर आ रहा है,देश भर के मीडिया संस्थानो में ये खबर भी खूब प्रकाशित हो रही है, जिसमें यह लिखा जा रहा है कि मस्जिद के ऊपर चढ़कर युवक भगवा झंडा लहरा रहा है इस मामले में अब राजनीति भी गरमाने लगी है,राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेता भी मामले में ट्वीट कर इस घटना के जरिए अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि न्यूज़ पीआर इस वीडियो की पुस्टि नहीं करता. दरअसल यह पूरा मामला नाथनगर के ललमटिया थाना क्षेत्र के टमटम चौक के समीप इमामबाड़ा के सामने की है. जहां 2 नवंबर की रात को काली पूजा का विसर्जन जुलूस निकला था. जिसके बाद एक नाबालिग के द्वारा चौक के समीप इमामबाड़ा के बगल वाली दीवाल पर चढ़ कर भगवा झंडा लहरा दिया था. जिसके बाद सम्प्रदायिक माहौल बिगड़ गया और मूर्ति को भी दो घण्टे तक रोककर रखा गया.हालांकि प्रशासन के द्वारा दोनों पक्षों को समझने के बाद कड़ी मशक्कत से मध्य रात्रि में मूर्ति का विसर्जन कराया गया वहीं मामले में झंडा लहराने वाले नाबालिग को ललमटिया थाना पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है घटना की सच्चाई को जानने के लिए ललमटिया थाना क्षेत्र के टमटम चौक के समीप मोहल्ले में पहुंची जहां जुलूस में शामिल हुए लोगों ने घटना की सच्चाई बयां कर दी। स्थानीय निवासी जगदीश प्रसाद ने बताया कि किसी भी गलत मंशा से ऐसा कुछ नहीं किया गया. बालक के द्वारा माल्यार्पण के लिए माला लाया गया और वो माला दो बार टूट गया,और वहां बिजली का तार भी काफी नीचे था तो वहां पर कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी बैठे थे उनसे पूछ कर वहां पर मस्जिद के बगल वाले दुकान पर चप्पल खोल कर वह दीवार लार चढ़ गया,तार ऊपर करने के लिए उसने डंडा मांगा तो नीचे से किसी ने झंडा थमा दिया,उसने तार ऊपर कर और उस झंडे से ही गाड़ी को आगे बढ़ाने का इशारा किया.जिसके वजह से गलत फहमी से ही ये मामला तूल पकड़ लिया और इससे दो समुदाय के बीच झड़प हो गया उन्होंने कहा कि जब भागलपुर के सनहौला में मुस्लिम समुदाय के युवक के द्वारा मंदिर की मूर्तियों को तोड़ा गया था तब किसी ने राजनीतिक तूल नहीं दिया और उसे पागल घोषित कर दिया लेकिन इस छोटे से मसले पर विवाद खड़ा किया जा रहा है.

वहीं गौरव कुमार ने बताया कि हमलोग वहीं थे वहां पर मुस्लिम समुदाय के लोग बैठे हुए थे, वह लड़का माता रानी को फूलों का माला चढ़ाने दीवार पर चढ़ा था,उनसे पूछे भी की इसपर चढ़े तार को ऊपर करना है तो इसपर उन्होंने कहा कि चढ़ जाइये कोई दिक्कत नहीं है,जूता चप्पल खोलकर मस्जिद के बगल वाली दुकान पर चढ़कर तार ऊपर किया, वहीं उसी झंडे से वो गाड़ी को आगे बढ़ने का इशारा कर दिया जिसके बाद लोगों ने इसे गलत समझ लिया. धीरे धीरे ये मामला तूल पकड़ लिया कोई गलत मंशा से ऐसा नहीं किया गया है,हम लोग यहां हिंदू मुस्लिम सभी मिलजुल कर रहते हैं वही झंडा लहराने वाले युवक की मां और उसकी चाची ने बताया कि विसर्जन जुलूस में वह गया था माता रानी को माला पहनने व बिजली के तार को ऊपर करने के लिए वह दीवार पर चढ़ा, उसने अपना चप्पल भी किनारे में खोलकर प्रणाम भी किया और इस दौरान किसी ने उसे लाठी के जगह झंडा थमा दिया और उस घटना का वीडियो बनाकर वायरल किया जा रहा है, हम लोग चाहते हैं की सच्चाई लोगों के सामने आए मेरे बेटे ने मस्जिद या किसी समुदाय को गलत मन से कोई हानि नहीं पहुंचाई है, हम लोग इंसाफ चाहते हैं।

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