बिहार में ट्रांसपोर्ट महंगा, बस-ऑटो यूनियन ने दी बढ़ोतरी की चेतावनी

बिहार में ट्रांसपोर्ट महंगाई की ओर

Rashmi Tiwari

बिहार में महंगाई का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच राजधानी पटना में ऑटो और बस किराया बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। स्थिति यह है कि कुछ रूटों पर यात्रियों से पहले ही बढ़ा हुआ किराया वसूला जाने लगा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, राजधानी पटना के कई प्रमुख रूटों पर ऑटो चालकों ने आधिकारिक घोषणा से पहले ही मनमाने तरीके से किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है। गांधी मैदान-पटना जंक्शन, पटना जंक्शन-शेखपुरा मोड़, पटना जंक्शन-सगुना मोड़ और आशियाना-दीघा रूट पर यात्रियों से पांच रुपये तक अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है।

ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्क्स फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि किराया वृद्धि को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को टाटा पार्क ऑटो स्टैंड में ऑटो यूनियनों की बड़ी बैठक बुलाई गई है। बैठक में किराया 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
रामाचक बैरिया बस स्टैंड में बस मालिकों की अहम बैठक
वहीं, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी किराया बढ़ोतरी की तैयारी में जुट गए हैं। 31 मई को रामाचक बैरिया बस स्टैंड में बस मालिकों की अहम बैठक होने वाली है। हालांकि, उत्तर बिहार के कई रूटों पर बस मालिकों ने मंगलवार से ही किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है। पटना से किशनगंज, अररिया, सुपौल, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, पिपरा और जदिया जाने वाले यात्रियों को अब 50 से 100 रुपये तक अधिक किराया देना पड़ रहा है।
1 जून से लागू
बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार के मुताबिक, बस किराया 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। नई दरों की घोषणा 31 मई की बैठक के बाद की जाएगी और इसे 1 जून से लागू किया जाएगा।हालांकि, जिला प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार बिना अनुमति किराया बढ़ाने को नियमों के खिलाफ बता रहे हैं और कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। बावजूद इसके, ऑटो यूनियन और बस ऑपरेटर्स अपने फैसले पर कायम हैं। उनका कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है

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