NEWS PR डेस्क: नरकटियागंज, 19 जुलाई। धान रोपनी के पीक सीजन के बीच यूरिया की किल्लत और उर्वरक डीलरों की कथित मनमानी को लेकर प्रखंड के ई-किसान भवन में आयोजित उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में खुदरा उर्वरक विक्रेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
बैठक के दौरान खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि थोक डीलर निर्धारित सरकारी दर के बजाय 345 से 350 रुपये प्रति पैकेट की दर से यूरिया उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक यूरिया पैकेट के साथ 150 से 200 रुपये तक की दवाइयां, जैसे ‘अपना पावर’ और जिंक, अनिवार्य रूप से खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। विक्रेताओं का कहना था कि किसानों को केवल यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन इस तरह की टैगिंग व्यवस्था के कारण वे सरकारी दर पर खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।

मामले को लेकर स्थानीय विधायक से मुलाकात करने का भी निर्णय लिया गया। बीस सूत्री अध्यक्ष रंजन ओझा, प्रमुख प्रतिनिधि चंदन कुमार साह और मुखिया राहुल जायसवाल ने किसानों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर दोषी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सूरज कुमार सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को हर हाल में निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी करने या जबरन अन्य उत्पाद बेचने की शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई पर भी चर्चा की गई।
पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
