जो जल कभी थी अमृत अब वही जल बनी जहर,स्थिति काफी दयनीय !

Patna Desk
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भागलपुर की पहचान सिल्क व चंपा से है लेकिन चंपा अब धीरे धीरे खत्म हो रही है .इस नदी का जल कभी लोगों के लिए अमृत हुआ करता था आज उसी चंपा का जल लोगों के लिए जहर बन गया है इससे हजारों हेक्टेयर के फसल लहलहया करती थी जो आज पानी के वजह से सुख जाती है क्या है चंपा की कहानी इसको लेकर चंपानगर के रहने वाले इतिहासकार आलोक कुमार बताते हैं कि चंपा अपनी एक धरोहर है जो अपने तारन हार का बाटजोह रहा है. चंपा उस सती बिहुला का प्रमाण है जिन्होंने जीवित स्वर्ग जाकर अपने पति का प्राण बचाकर वापस ले आयी थी चंपा दानवीर कर्ण के स्नान व सूर्य अर्घ्य का प्रमाण है लेकिन आज चंपा में पानी तक नहीं है जो है वो विषैला पानी है.

उन्होंने बताया कि चम्पान्दी चंदन नदी से होकर आती है बांका में चंदन नदी है इसका नाम चंदन नदी इसलिए पड़ा क्योंकि ये धरती ऋषि मुनियों व तपस्वियों का हुआ करता था जब भी कोई ऋषि मुनि देहांत होता तो उनके नाम का वहां चंदन का पेड़ लगाया जाता था. जिसके वजह उसका नाम पड़ा चंदन वन और उसी से होकर यह नदी बहती है इसलिए चानन नदी कहते हैं. उन्होंने बताया उस समय चंदन के पेड़ की लकड़ियां कई अन्य जड़ी बूटियों से होकर ये नदी गुजरा करती थी जिसके वजह से इस पानी मे काफी औषधीय गुण पाए जाते थे. उन्होंने कहा कि ये आंखों देखी बात है कि अगर आपको चर्मरोग है और इस पानी मे स्नान कर लिए तो वो रोग आपका खत्म हो जाएगा. इस रास्ते से सिल्क का व्यपार विदेश तक हुआ करता था लेकिन आज यहां की स्थिति काफी दैनीय है.


इस पानी मे कैंसर जैसे बीमारी का कीटाणु है शामिल हाल ही में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के केमेस्ट्री विभाग सह बिहार केमिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक झा के द्वारा चंपा के पानी पर शोध किया गया जिसमें हैरान कर देने वाली बात सामने निकल कर आई है. उन्होंने बताया कि इस पानी मे कैंसर जैसे बीमारी के खतरनाक तत्व मिले हैं. उन्होंने बताया कि इससे सिंचाई की हुई फसल को ग्रहण करने से ये घातक बीमारी हो सकती है. इसलिए अब ये पानी उपयोग में लाया जाने वाला नहीं रह गया है.

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