बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण का पहला चरण संपन्न, 1 अगस्त से प्रारूप सूची जारी होगी, शुरू होगा दावा-आपत्ति का दौर

Jyoti Sinha
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बिहार में 24 जून से 26 जुलाई 2025 तक चले विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का पहला चरण सफलता पूर्वक पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूचियों का बड़े पैमाने पर सत्यापन और अद्यतन किया गया।

7.23 करोड़ मतदाताओं का रिकॉर्ड अपडेट, 99.8% की ऐतिहासिक भागीदारी
निर्वाचन आयोग ने बताया कि राज्य के 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 7.23 करोड़ लोगों के फॉर्म सफलतापूर्वक जमा कर डिजिटल रूप से अपलोड किए जा चुके हैं। साथ ही बीएलओ (Booth Level Officers) और बीएलए (Booth Level Agents) की रिपोर्ट के आधार पर 65.2 लाख नाम सूची से हटाए जाने की अनुशंसा की गई है। इस प्रक्रिया में 99.8% मतदाता शामिल हुए — जोकि एक ऐतिहासिक भागीदारी मानी जा रही है।

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मृत, डुप्लिकेट और अपात्र नामों की सफाई
चुनाव आयोग ने इस पुनरीक्षण अभियान के दौरान मृत, दोहरे नाम, स्थानांतरित और अयोग्य मतदाताओं को सूची से हटाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, जिससे मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

ECL Net विंडो बंद, अब अगले चरण की तैयारी
पहले चरण की समाप्ति के साथ ही आयोग ने ECI Net विंडो को बंद कर दिया है, जिसका उपयोग बीएलओ द्वारा फॉर्म अपलोड के लिए किया जा रहा था। अब फोकस प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन और दावा-आपत्ति प्रक्रिया पर होगा।

1 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
चुनाव आयोग द्वारा 1 अगस्त 2025 को प्रारूप मतदाता सूची सार्वजनिक की जाएगी। इससे पहले सभी आंकड़े कंट्रोल टेबल में अपडेट किए जाएंगे और बूथवार जानकारी का दोबारा सत्यापन किया जाएगा, ताकि प्रारूप सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।

1 से 30 अगस्त तक आम लोगों को मौका – दावा और आपत्ति दर्ज करें
प्रारूप सूची जारी होने के बाद, 1 अगस्त से 30 अगस्त तक नागरिकों को अपने नाम जुड़वाने, सुधार करवाने या आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा। वे मतदाता जिनका नाम प्रारूप सूची में नहीं है, वे निर्धारित फॉर्म भरकर बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ पहचान और निवास संबंधी आवश्यक दस्तावेज़ भी अपलोड करना होगा।

दावा-आपत्तियों का होगा त्वरित समाधान
इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा उसी दौरान किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले उसे पूरी तरह निष्पक्ष और अद्यतन किया जा सके।

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