NEWS PR डेस्क: पटना, 30 जून। बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने घोषणा की है कि राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं, जहां नई निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं, बल्कि अस्पतालों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी नजर रखना है।
डॉक्टरों के काम का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टरों के अस्पताल पहुंचने और जाने के समय के साथ-साथ उनके पूरे कार्यदिवस का रिकॉर्ड तैयार होगा। सिस्टम में यह दर्ज किया जाएगा कि उन्होंने कितने मरीजों का इलाज किया, ओपीडी और आईपीडी में कितनी सेवाएं दीं, कितनी सर्जरी की और दिनभर की उनकी कार्य गतिविधियां क्या रहीं।

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, अस्पतालों की निगरानी अब सिर्फ रजिस्टर या कागजी रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगी। CCTV कैमरों और डिजिटल सिस्टम के जरिए वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग वह स्वयं भी करेंगे।
दवा वितरण और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर रहेगा फोकस
निशांत कुमार ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अस्पतालों में उपलब्ध दवाएं सही मरीजों तक समय पर पहुंचें। उन्होंने माना कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। नई तकनीकी व्यवस्था से इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी और जवाबदेही भी तय होगी।
अस्पतालों के आधुनिकीकरण की योजना
स्वास्थ्य विभाग राज्य के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में भी काम कर रहा है। योजना के तहत सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को भी स्पेशियलिटी अस्पतालों के स्तर तक उन्नत करने की तैयारी है।
इसके अलावा राज्य के पांच जोन में 11 लेवल-3 और 5 लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। पटना स्थित एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाने की भी योजना पर काम चल रहा है।
लगातार निरीक्षण कर रहे हैं स्वास्थ्य मंत्री
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री हाल के दिनों में लगातार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। हाल ही में पीएमसीएच के दौरे के दौरान प्रभारी प्राचार्य के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने के बाद सरकार ने उन्हें अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया था। उनकी जगह प्रो. गीता सिन्हा को प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता मरीजों को बेहतर, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
