NEWS PR डेस्क:मोतिहारी। पूर्वी चंपारण पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने लंबे समय से सक्रिय एक शातिर ‘मास्टर चाबी गैंग’ का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की पांच मोटरसाइकिलें, एक मास्टर चाबी, वाहनों के खुले हुए पार्ट्स तथा बाइक काटने और खोलने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह चोरी की बाइकों को कम कीमत पर शराब तस्करों और अन्य अपराधियों को बेचता था।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
सदर एसडीपीओ-2 जीतेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हसुआहां गांव में चोरी की मोटरसाइकिलों की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने हसुआहां गांव में संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मास्टर चाबी की मदद से कुछ ही मिनटों में मोटरसाइकिल चोरी कर लेता था। चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर उन्हें ग्रामीण इलाकों में छिपा दिया जाता था। बाद में इन बाइकों को बेहद कम कीमत पर शराब तस्करों और अन्य अपराधियों को बेच दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से शराब तस्करी में किया जाता था।
निशानदेही पर बरामद हुईं चोरी की बाइकें
पुलिस ने सबसे पहले हसुआहां निवासी श्यामबाबू कुमार को गिरफ्तार किया। उसके घर से चोरी की एक मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल होने वाली मास्टर चाबी बरामद हुई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान सुखल मुखिया के घर से एक तथा खलीफा मुखिया के घर से तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इसके अलावा खलीफा मुखिया के घर से बड़ी संख्या में रिंच, प्लास, स्पैनर सहित वाहनों को खोलने और काटने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार भी जब्त किए गए।
पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी खलीफा मुखिया का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चिरैया और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में उत्पाद अधिनियम (शराब तस्करी) से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और चोरी की बाइक खरीदने वाले शराब माफियाओं व अन्य अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस अभियान का नेतृत्व मुफस्सिल थानाध्यक्ष अमित कुमार ने किया। टीम में दारोगा महेश कुमार, रोहन कुमार, पंकज कुमार, पप्पूजी दुबे, सुभाष कुमार, सपना कुमार, मदनलाल गुप्ता सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस ने इसे वाहन चोरी और अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है।मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
