पटना, 08 जुलाई। न्यू करबिगहिया इलाके से युवक के अपहरण के बाद बुधवार को स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर आगजनी की और करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अपहृत युवक की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि युवक को जल्द सुरक्षित बरामद करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अपहृत युवक की पहचान न्यू करबिगहिया कब्रिस्तान गली निवासी 33 वर्षीय बंटी कुमार के रूप में हुई है। इस दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बंटी की बरामदगी नहीं होती है तो वह भी स्थानीय लोगों के आंदोलन में शामिल होंगे।

बताया जा रहा है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव संबंधी आचार संहिता लागू होने के कारण पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी भी दी, लेकिन लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ और वे लगातार प्रदर्शन करते रहे।
बंटी की बहन गुड़िया देवी ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने इलाके में कथित देह व्यापार का विरोध किया था, जिसके कारण उनका अपहरण किया गया। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात बंटी कुमार पटना जंक्शन के पास एक दुकान से दही खरीदने गए थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और फिर काले रंग की स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर ले गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
परिजनों ने मंगलवार को कोतवाली थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर मंगलवार देर शाम भी परिजनों ने थाने में हंगामा किया था। उनका आरोप था कि यदि पुलिस ने शुरुआत से ही तेजी से कार्रवाई की होती तो अब तक बंटी का पता चल सकता था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बजरंगी और रोहित नाम के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अपहृत युवक की सकुशल बरामदगी फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) समेत कई पुलिस टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
