बिहार के हाई स्कूलों में शुरू होंगी ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’, NEET-JEE की मुफ्त ऑनलाइन तैयारी भी; 7 संस्थानों से हुआ करार

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 17 जुलाई। बिहार में स्कूली शिक्षा को डिजिटल और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर में ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से संचालित ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज के तहत NEET और JEE की निःशुल्क तैयारी कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के हाई स्कूलों में ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और प्रतियोगी परीक्षा उन्मुख शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

10 मॉडल स्कूलों से हुई शुरुआत

कार्यक्रम के तहत राजधानी पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को लाइव शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्थापित बिहार स्मार्ट लाइव क्लास रूम का उद्घाटन किया तथा वहां की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्वयं छात्रों को स्मार्ट लाइव क्लास रूम के माध्यम से पढ़ाई की शुरुआत कराई।

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विद्यालय में दो अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का भी लोकार्पण किया गया। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, संवादात्मक और छात्र-केंद्रित बनेगी।

छात्रों को दी सीख, प्रतिभाओं का किया सम्मान

मुख्यमंत्री ने विद्यालय की बायोलॉजी लैब, फिजिक्स लैब, आईसीटी लैब, आईएफपीएम लैब, स्पोर्ट्स रूम और म्यूजिक रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत करते हुए उन्हें पूरी लगन से पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की छात्राओं को सम्मानित कर हॉकी किट भी वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

7 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ हुआ एमओयू

शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने 7 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इनमें लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसायटी, वाधवानी एआई, खान एकेडमी इंडिया, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, एक्सप्रेंटो (एक स्टेप फाउंडेशन), पीआईई जेम फाउंडेशन तथा मंत्र4चेंज एवं शिक्षा लोकम फाउंडेशन शामिल हैं।

इन संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों को निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यक्रम के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फाउंडेशनल लर्निंग (FLN), STEM शिक्षा, गणित एवं विज्ञान शिक्षण, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, डिजाइन थिंकिंग, परियोजना आधारित शिक्षा, शिक्षक क्षमता निर्माण, AI आधारित मूल्यांकन और डेटा आधारित शैक्षणिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सुधार किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री बोले- हर विद्यार्थी तक पहुंचे आधुनिक शिक्षा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का संकल्प है कि स्मार्ट क्लास, लाइव लर्निंग, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा उन्मुख शिक्षण के माध्यम से राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर भविष्य के लिए सक्षम बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा संचालित ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज और NEET-JEE तैयारी कार्यक्रम शुरू होने से अब विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक बरबड़े, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राघा राजन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन राज शेखर, बीएसईआईडीसी की प्रबंध निदेशक इनायत खान, प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, विद्यालय की प्राचार्य श्वेता रानी, शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस नई पहल के साथ बिहार सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक, लाइव शिक्षण और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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