NEWS PR डेस्क :बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पीड़ितों की मदद और घायलों के बेहतर इलाज को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। हादसे में कई लोगों की मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध है। खासकर मासूम बच्चों की जान जाने की खबर ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। इस दुखद घटना के बीच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह पटना स्थित NMCH अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया।
NMCH पहुंचकर मंत्री संजय सिंह ने जाना घायलों का हाल
वैशाली के राघोपुर दियारा में हुए नाव हादसे को हृदयविदारक बताते हुए मंत्री संजय सिंह ने घायलों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों से मुलाकात कर निर्देश दिया कि सभी मरीजों का पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ इलाज किया जाए।
मंत्री ने डॉक्टरों से कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि चिकित्सक पूरी रात मुस्तैद रहकर प्रत्येक मरीज की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत के अनुसार बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं।
संबंधित अधिकारियों को भी दिए जरूरी निर्देश
अस्पताल में घायलों की स्थिति का जायजा लेने के दौरान मंत्री संजय सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हादसे से प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की देखभाल में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवारों के रहने, खाने-पीने और आराम करने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा
मंत्री संजय सिंह ने अस्पताल में मौजूद पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
नाव हादसे में मासूम बच्चों समेत कई लोगों की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रभावित परिवार गहरे सदमे में हैं। ऐसे समय में घायलों को बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को मानवीय संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने पर जोर दिया, ताकि हादसे से प्रभावित लोगों को समय पर इलाज और आवश्यक सहायता मिल सके।