मुर्गी पालन से कर सकते है बंपर कमाई, जानिए कैसे…

Patna Desk
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NEWSPR DESK- मुर्गी चारा में यदि आप कुसुम  के बीज मिलते है तो  चिकेन की गुणवत्ता बेहतर हो जाती है। बl

बता दे की  कुसुम बीज में मौजूद ओमेगा 6, फैटी एसिड, प्रोटीन पोल्ट्री फीड में शामिल करने से चिकेन के मांस की पौष्टिकता के बेहतर होने के वैज्ञानिक प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा कुसुम के बीज में अन्य पोषक तत्व और एंटी आक्सीडेंट्स भी होते हैं।

किसान और पोल्ट्री उत्पादक अब चिकेन की समग्र गुणवत्ता में सुधार के लिए कुसुम के बीजों को अपने फ़ीड फार्मुलेशन में शामिल कर रहे हैं। यह सरल जोड़ अंतिम उत्पाद में बड़ा अंतर ला सकता है।

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इससे ग्राहकों की संतुष्टि में वृद्धि होगी और उत्पादकों के लिए संभावित रूप से अधिक मुनाफा होगा। यह शोध कार्य एडिनबर्ग विश्वविद्यालय यूके के जर्नल ट्रापिकल एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन, स्प्रिंगर (इम्पैक्ट फैक्टर 1.7) व इंडियन जर्नल आफ एनिमल रिसर्च (इम्पैक्ट फैक्टर 0.5) और एनिमल न्यूट्रिशन एंड फीड टेक्नोलाजी (इम्पैक्ट फैक्टर 0.29) जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध शोध जर्नलों में प्रकाशित हुआ है।

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