टेंडर घोटाले पर तेजस्वी के आरोपों पर JDU का पलटवार, संजय झा ने दिया करारा जवाब

Patna Desk
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टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पलटवार किया है। संजय झा ने दो टूक कहा कि तेजस्वी यादव को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने खिलाफ चल रहे मामलों का जवाब देना चाहिए, जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं।उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि, “बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक और जनहितकारी फैसले लिए गए हैं।

अगर तेजस्वी यादव के पास किसी घोटाले से जुड़े पुख्ता सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें, केवल आरोप लगाकर राजनीति करने से कोई फायदा नहीं होने वाला।”वहीं, कांग्रेस नेताओं के बिहार दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय झा ने कहा कि चुनाव का मौसम है, इस दौरान तमाम बड़े नेता आना-जाना करेंगे। लेकिन जनता को पता है कि बिहार में विकास किसके कार्यकाल में हुआ है। हमें पूरा विश्वास है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर से जनता का समर्थन मिलेगा।इससे पहले तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि बिहार में टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों को एक टेंडर पर 30 प्रतिशत तक कमीशन दिया जा रहा है। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि कैबिनेट की केवल तीन महीने में सात बैठकें हुईं और उनमें 76 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई।इतना ही नहीं, तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर जदयू का प्रचार कराने का भी आरोप लगाया।

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उन्होंने कहा कि ‘महिला संवाद यात्रा’ के नाम पर 600 चुनावी रथ मंगवाए गए हैं, जो जदयू के प्रचार के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार ने अपनी बिहार यात्रा के लिए ग्रामीण विकास विभाग के बजट से 2 अरब 25 करोड़ रुपये खर्च किए।तेजस्वी ने यह भी सवाल उठाया कि जिन इंजीनियरों के यहां छापेमारी में करोड़ों रुपये बरामद होते हैं, उन पर आर्थिक अपराध इकाई कार्रवाई क्यों नहीं करती? उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में संगठित गिरोह की संलिप्तता साफ नजर आती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि घोटाले में लिप्त इंजीनियरों को रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन क्यों दिया जाता है।

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