बिहार में समय से पहले मानसून की दस्तक के बावजूद इसकी रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले चार दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर के आसपास ही स्थिर बनी हुई है, जिससे प्रदेश के अन्य जिलों में इसके आगे बढ़ने का इंतजार लंबा हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) नहीं बनने, शुष्क हवाओं के प्रभाव और वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण मानसून की गति धीमी हुई है।
दक्षिण बिहार में गर्मी का असर बरकरार
मानसून की सुस्ती का असर राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। यहां मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। मंगलवार को पटना सहित 16 जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कैमूर में 42.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। गया, डेहरी, बक्सर और औरंगाबाद में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
सीमांचल के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सीमांचल क्षेत्र के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
19-20 जून से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 और 20 जून से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर बिहार में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। सुपौल जिले के सरायगढ़ में सबसे अधिक 70.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं पटना सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा।
