प्रधानमंत्री मोदी का मॉरीशस में पारंपरिक भोजपुरी ‘गीत गवाई’ से स्वागत, महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद

Patna Desk
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को मॉरीशस पहुंचने पर पारंपरिक भोजपुरी ‘गीत गवाई’ से स्वागत किया गया। यह बिहारी संगीत पारंपरिक रूप से यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं मॉरीशस पहुंच चुका हूं। मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का आभारी हूं, जिन्होंने हवाई अड्डे पर मेरा खास स्वागत किया। यह यात्रा एक मूल्यवान मित्र से मिलने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने का शानदार अवसर है।”इस स्वागत समारोह के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक ‘गीत गवाई’ गाया, जिसमें “राजा के सोभे ला माथे माउरिया, कृष्णा के सोभे ला हाथे बंसूरिया, अहो राजा नाचेला नाचेला कृष्णा बजावे बंसूरिया…” जैसे बोल थे। इस पर प्रधानमंत्री मोदी भी झूमते हुए नजर आए। चूंकि मॉरीशस में बिहार मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और भोजपुरी वहां की आधिकारिक भाषा है, इसलिए पीएम मोदी का स्वागत इस क्षेत्रीय भाषा के गीत से किया गया।

गीत गवाई क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉरीशस के पोर्ट लुइस में स्वागत बिहारी पारंपरिक ‘गीत गवाई’ से किया गया। यह एक भोजपुरी संगीत परंपरा है, जिसे भारतीय भोजपुरी क्षेत्र की महिलाओं ने मॉरीशस में लाकर एक समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रस्तुत किया। इसके सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए ‘गीत गवाई’ को दिसंबर 2016 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था।

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महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर

मॉरीशस में 12 मार्च को राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है, ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा खास महत्व रखता है। इस दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान, भारत और मॉरीशस के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। 2023-24 में, मॉरीशस सिंगापुर के बाद भारत में विदेशी निवेश का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है।

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