भागलपुर में एक ऐसा जघन्य हत्याकांड सामने आया, जिसकी क्रूरता सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए महिला की हत्या के बाद उसके शरीर पर कई गहरे जख्म मिले थे, लेकिन उसका सिर गायब था करीब सात से आठ दिन बाद नरमुंड बरामद हुआ इसके बाद DNA जांच के जरिए मृतका की पहचान की पुष्टि की गई अब इस सनसनीखेज मामले में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है मृतका की पहचान रेणु देवी के रूप में हुई है बताया गया कि रेणु देवी की दूसरी शादी अरविंद पासवान के साथ हुई थी उनकी हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी महिला के शरीर पर छह से सात जगह गंभीर जख्म के निशान पाए गए थे सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि शव पर सिर मौजूद नहीं था इस घटना ने जांच को और भी पेचीदा बना दिया था दो साल बाद अदालत का बड़ा फैसला मामले में अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 तथा विशेष निगरानी टीम के दीपक कुमार से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत आज सजा सुनाई गई अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड दिया है जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी
DNA जांच ने खोला पहचान का राज इस हत्याकांड में नरमुंड की बरामदगी के बाद मृतका की मां के DNA नमूने से मिलान कराया गया जांच में DNA का मिलान होने पर मृतका की पहचान की पुष्टि हुई इस वैज्ञानिक जांच ने मामले में अहम भूमिका निभाई करीब दो साल बाद आए इस फैसले को जघन्य हत्याकांड में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है
भागलपूर से शयामानंद सिंह की रिपोर्ट;-