NEWS PR डेस्क: पटना, 13 जून। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा को मजबूत करने, आजीविका के अवसरों का विस्तार करने और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2026 से बिहार सहित देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – विकसित भारत-जी राम जी लागू किया जाएगा। इस नई योजना के तहत बिहार के लिए 6,715.83 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने अकुशल मजदूरी मद में 1,890 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि मिशन के शुभारंभ को लेकर राज्य स्तर पर लगभग सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जबकि शेष प्रक्रियाधीन कार्यों को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। योजना के संचालन के लिए आवश्यक बैंक खातों के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक को आवेदन भेजा जा चुका है।
मंत्री ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी को ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करना, आय के अवसरों में वृद्धि करना तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को गति देना है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार रोजगार की मांग करने वाले श्रमिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के पात्र होंगे।
योजना में कृषि कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए बुवाई और कटाई के मौसम में वर्ष में 60 दिनों तक कार्य-रहित अवधि घोषित करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद ग्रामीण परिवारों को वर्ष भर में 125 दिनों की रोजगार गारंटी का पूरा लाभ मिलता रहेगा।
नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को विशेष महत्व दिया गया है। श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। वर्तमान में ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड, विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे।
ग्रामीण विकास मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन के केंद्रीय स्तंभ के रूप में सशक्त बनाते हुए यह पहल समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
