बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बुधवार को राज्यभर में तैनात 14 अंचल अधिकारियों (CO) पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, कुछ के वेतन और वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है, जबकि कई के खिलाफ विभागीय जांच और आरोप पत्र गठित किए गए हैं। सरकार ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया है।
जानकारी के अनुसार, पाटलिपुत्र के अंचल अधिकारी अनुज कुमार के वेतन पर रोक लगाई गई है, जबकि राघोपुर के सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी और पालीगंज के सीओ राकेश कुमार की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। पालीगंज के सीओ राकेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति और अवैध बालू खनन में संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। दानापुर के सीओ चंदन कुमार पर काम में लापरवाही के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है।
इसके अलावा सिशवन के सीओ पंकज कुमार, गोपालगंज के सीओ रजत कुमार बरनवाल, एकमा के अमलेश कुमार और छपरा सदर से जुड़े अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। इसुआपुर के सीओ सतीश सिंह पर वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। वहीं बैरिया के तत्कालीन सीओ अनिल कुमार पर गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने, सुपौल के तत्कालीन सीओ बुच्ची कुमार पर अवैध दाखिल-खारिज और कांटी की सीओ ऋषिका पर सरकारी जमीन को निजी नाम पर दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया है।
इसी क्रम में गोपालपुर भालपुर के सीओ राजकिशोर शर्मा पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए उनके पेंशन में पांच साल तक की कटौती का निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, अनियमितता और काम में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग में हाल ही में हुई हड़ताल के कारण लगभग 37 लाख आवेदन लंबित हो गए थे, जिन्हें तेजी से निपटाया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी बेहतर काम कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।